anantsharma_

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phoolon ki laashon me taazgi chahta h aadmi chutiya h kuch v chahta h ��

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  • anantsharma_ 11w

    @writersnetwork @miraquill @mirakeeworld
    #love #hindi #writersnetwork #deepthoughts

    जो हँस कर बयां कर देता हूँ यूँ ग़म को अपने तरीकों से।
    नम आँखें नज़र कर आती है ख़ुशी देख के दूर दरीचों से।
    ©A.S

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    ◆◆

    एक दरख़्त जिसका छांव था मैं वहाँ अब लाशें बसर करती है।
    वो शख्स माना गुज़र चुका है उसकी फरियादें असर करती है।।
    ©anantsharma_

  • anantsharma_ 11w

    @writersnetwork @mirakeeworld @miraquill
    #love #miraquill #writersnetwork #hindi #urdu

    मौसम-ए-मुख्तलिफ:-अलग-अलग मौसम
    दरख़्त:-पेड़

    मुझे लगा अहद-ए-शहर में कहीं, ठहर गया था उनका रस्ता।
    मसला इक शज़र का था जिसकी छांव से था उनका बावस्ता।।
    ©A.S

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    ◆◆

    मौसम-ए-मुख्तलिफ में,बदलते हैं दरख़्त जैसे।
    कुछ यूं हीं तुम भी बदले, बदलते हैं वक़्त जैसे।।
    ©anantsharma_

  • anantsharma_ 11w

    @writersnetwork @miraquill @mirakeeworld
    #love #writersnetwork #miraquill #hindi

    चश्म-ए-अश्क़:-आँख का आँशु
    ------------
    मोहब्बत-ओ-इश्क़ भी उनका अब दर-ब-दर भटक गया।
    कुछ यूं कि चश्म-ए-अश्क़ जमी पर गिरते हीं छटक गया।।
    ©A.S

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    ◆◆

    वक़्त के साथ-साथ चश्म-ए-अश्क़ भी बदल जाते हैं।
    कभी इसके कभी उसके न जाने किसके-किसके लिए निकल जाते हैं।।
    ©anantsharma_

  • anantsharma_ 11w

    @writersnetwork @miraquill @mirakeeworld
    #writersnetwork #miraquill #love #ishq
    #deepthoughts

    बदर:-चौखट/दरवाजे

    साथ दो गर जो तुम इस पहर, ये बुरा वक़्त टल जाएगा।
    रातें घनघोर काली बड़ी कल को दिन भी निकल जायेगा।।
    ©A.S

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    ◆◆

    सुलह कर ले गर हम तुम अभी बात घर में सम्हल जाएगी।
    जो घर की बातें बदर से बढ़ी दर्द अश्कों में बदल जाएगी।।
    ©anantsharma_

  • anantsharma_ 11w

    @writersnetwork @miraquill #love


    महफ़िल-ए-शाम में ले आएं जाम वो हमारे नशे के लिए।
    कजरारे नैना हीं काफ़ी थे उनके, हमारे दुर्दशे के लिए।।
    ©A.S

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    ◆◆

    गेसूए खोला जब भरी महफ़िल में, उनने सवरने के लिए।
    नासमझ इक इशारा था वो उनका तुम्हारे ठहरने के लिए।।
    ©anantsharma_

  • anantsharma_ 11w

    ◆◆

    गर जो मिले फुर्सत मोहब्बत से, तो कभी हम सा तुम इंतज़ार कर लेना।
    मेरे सहारे ने मुझे धोखा दिया तुम अपने सहारों पर न ऐतबार कर लेना।।
    ©anantsharma_

  • anantsharma_ 11w

    ◆◆

    इतना जो उन्हें लिखते हो, उनपर इतना ऐतबार करते हो?
    अच्छा चलो दिल से पूछो,सच मे प्यार करते हो?
    या बेवज़ह हीं पन्ने बेकार करते हो?
    ©anantsharma_

  • anantsharma_ 11w

    ◆माँ◆

    बावजूद ज़िन्दगी,
    इक कर्म इक धर्म इक तहजीब-ओ-लहज़ा में पलती है।
    गर न माँ हो सोहबत-ए-हयात में
    फिर भी इक परछाई माँ की हमेशा साथ में चलती है।।
    ©anantsharma_

  • anantsharma_ 12w

    ◆◆

    एक अरसा हुआ इश्क़ बटने को है।
    फिर से हम हीं इस किस्से में छटने को है।।

    बदला मौसम न बादल बदलने को है।
    गलियारे इश्क़ के न सूरज निकलने को है।।

    शाम ढलने को है चाँद निकलने को है।
    शमा बुझ भी गई ग़म पिघलने को है।।

    साथ उनका अब यूं कुछ बदलने को है।
    जाम हाँथों से मेरे फिसलने को है।।

    हश्र ग़म का हुआ यूं टपकने को है।
    पलकें बिन बूंदे पानी झपकने को है।।

    सर से साया न ग़म का सरकने को है।
    अब ये नैना मुसलसल डबकने को है।।

    नींद आई न रातें अब जगने को है।
    करबटों में ये सिलवट यूं दबने को है।।

    ग़म के चादर जो बिस्तर लिपटने को है।
    संग वो मेरे सुबेरे सिमटने को है।।

    जा कर अब नींदें आँखें पटकने को .है।
    रौशनी दिन की अब जब छटकने को है।।
    ©anantsharma_

  • anantsharma_ 12w

    @writersnetwork @hindiwriters @miraquill
    @mirakeeworld #writersnetwork #love #mirakee

    इश्क़ एक खंजर है, एक जादुई खंज़र
    एक ऐसा हथियार
    जो दूर खड़े को भी जख़्मी कर देता है और पास खड़े को भी।

    इश्क़ खुद में बहुत हीं खूबसूरत है।
    परंतु यह तब तक खुद में खूबसूरत है,
    जब तक यह खुद को जख़्मी ना कर दे।।
    Caption:-loki S1

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    ◆◆

    इस दिल-ए-ग़मज़दा को मेरे और कितना चढ़ाएगा।
    नशा जिसका था वो रहा हीं नही,
    ये दो घुट जाम क्या नशा मेरी बढ़ाएगा।।


    ग़लत शक़्स से हीं इश्क़ होती है अक़्सर हमें।
    मसलन ये गलतियां,
    जान बूझ कर भला फिर से कौन दोहराएगा।।


    इश्क़ के बाद मौत हर एक शक़्स की मुअय्यन है।
    इस दलदल-ए-इश्क़ में समय से पहले,
    एक दरिया सोहबत में अपने हर एक आशिक़ को डूब ले जाएगा।।


    मैं तो फिर भी लाश बन कर बुझ चुका हूँ अब।
    क्या फ़ायदा,
    जो अब तू मुझे शमशान में ले जा कर जलाएगा।।


    हां गर यूँ किस्तों में मरना नागवारा है तुझे ए शक़्स।
    ये नसीहत तू ले ले अनन्त की,
    फिर से इक दफ़ा तू ज़िन्दगी में अपनी ज़िंदा हो जाएगा।।


    एक ज़िन्दगी मिली तुझे कई ज़िन्दगी के ख़ातिर।
    भला फिर क्यूँ एक ज़िन्दगी के पीछे पूरी जिन्दगी तू गवाएगा।।


    कभी जो अपनों के मोहब्बत का जायजा लिया तुमने।
    फिर मोहब्बत को खुद में ना तू सम्हाल पाएगा।।


    इक दफ़ा गर जो पोटली माँ की मोहब्बत का देख लिया।
    फिर इस मोहब्बत भरी दुनिया में भला जीतेजी मरना कौन चाहेगा।।
    ©anantsharma_