anandsardar

����सब का मंगल हो����

Grid View
List View
Reposts
  • anandsardar 2d

    तस्वीर तुम्हारी अब मैं देखता कहां हूं
    अपने ही दिल के अंदर अब मैं झांकता कहां हूं
    ©anandsardar

  • anandsardar 2d

    ना क़भी मुलाक़ात हुई तुझसे
    ना क़भी आख़ेचार हुई
    जरा बताओ तो
    क्यूं तेरे बिना
    मेरी रूह ऐसी लाचार हुई
    ©anandsardar

  • anandsardar 2d

    तुझसे प्यार करने की मैने कहां कोशिश करी थी
    जो भूलने की करू��

    इश्क़ का ये कारवाँ तो अपने आप ही चलता रहता है
    लाख करे कोई कितनी भी कोशिश इसे फ़र्क कहां पड़ता है ����

    Read More

    भुल जाऊ तुझे ये मुमकिन कहाँ है
    रूह में बसी है तू इस क़दर
    जाऊ मैं जहां भी तू हरदम वहां है
    ©anandsardar

  • anandsardar 1w

    ����सब का मंगल हो����
    ����सब का कल्याण हो����

    Read More

    कितने सारे धर्म है दुनिया मे
    मैं किस-किस धर्म को जानू
    क़ुदरत ने दी है
    ये अनमोल ज़िन्दगी
    क्यो ना उसके नियमों को ही
    मैं अपना धर्म मानु
    ©anandsardar

  • anandsardar 3w

    लाख बुरा कहे कोई अपने बारे में
    तो क्या फर्क पड़ता है
    अपनी अच्छाई का नाता तो होता है ख़ुदासे
    किसीके कुछ कहने से वो कम थोड़ी होता हैं

    अपनी अच्छाई को बरक़रार रखो
    जो कहता है बुरा अपने बारे में
    उसे भी बड़े प्यारसे देखो
    ©anandsardar

  • anandsardar 4w

    पुरानी पोस्ट है ✍️✍️����

    Read More

    अभी अभी तो मिले है हम
    अभी अभी एक दूसरे को जाना है
    फ़िर भी ,सालों से जानते है तुम्हें
    न जाने ऐसा क्यो लगता है

    साथ जब तुम होती हो
    तो बड़ी तेजी से वक्त कट जाता है
    फिर भी,रुक गया हो जैसे सारा जहाँ
    न जानें ऐसा क्यों लगता है

    हम है दो अलग-अलग डाल के पंछी
    एक नहीं होंगे कभी ,मुझे बड़े अच्छे से पता है
    फ़िर भी, उड़ता रहू इस आसमाँ में तुम्हारे साथ
    न जाने ऐसा क्यों लगता है

    साथ हमारा कुछ पल का ही है
    ये भी बड़े अच्छे से पता है मुझे
    फ़िर भी हमेशा तुम साथ रहो
    न जाने ऐसा क्यों लगता है

    वैसे तो
    इन बातों का, मेरी कविताओं का
    अब कोई मतलब नही रहा है
    फ़िर भी, लिखता रहू सिर्फ तुम्हारे लिए
    न जाने ऐसा क्यों लगता है
    ©anandsardar

  • anandsardar 5w

    मिराकी परिवार के हर एक सदस्य को मेरी तरफ से दीपावली कि हार्दीक शुभकामनाएं������������
    आप सभी की हर ख्वाहिश पूरी हो
    आपकी जिंगदी खुशियों से भरपूर हो
    ये मंगलकामना ������

    Read More

    Happy Diwali

  • anandsardar 5w

    लिखूं भी तो क्या लिखूं
    अब दिल मे तेरा कोई ख़याल ही नहीं आता
    सोचता हूं कि लिखूं किसी और के लिए
    लेकिन किसीकी आँखों का तीर
    इस दिल के पार भी तो नही होता
    ©anandsardar

  • anandsardar 6w

    After a long time my 4 line
    ✍️✍️����
    लिखू भी तो क्या लिखूं
    अब दिल में तेरा कोई ख़याल नही आता
    और लिख भी दु कुछ
    वो तो अब मुझे भी समझ नही आता

    Read More

    पता नहीँ क्यों
    ये तेरा मेरा रिश्ता भी बड़ा अजीब सा लगता है
    तू मेरे दिल के लिए सबसे ख़ास
    और मैं तेरे दिल के आस पास भी नही
    मुझे हमेशा ऐसा लगता है
    ©anandsardar

  • anandsardar 31w

    वैसे तो
    मिलना और बिछड़ना भगवान जी के हाथ है
    जिंदगीमें हमसफ़र बनकर तो नही
    लेकिन दुआओं की जैसी वो हमेशा मेरे साथ है

    Read More

    परीजैसी देवी

    जताती नही कभी
    फिर भी हमेशा मेरा खयाल रखती है

    बताती नही कभी
    फिर भी मेरी खबर रखती है

    मैं लाख बार कहु
    वो एक ही बार कहती है

    परेशान होती है मेरी बातों से
    पर कभी डांटती नही है

    है साफ़ दिल की
    बड़ी सीधी सीधी बात करती है

    अब ना उसे पाने की आस है
    ना खोने का डर है

    दुआओं में याद रखती है वो मुझे
    ये बात क्या कम है

    करोड़ो में है वो एक देवी
    पर कभी खुदपर घमंड नही करती है

    ऐसी सादगी की मूरत है
    मेरी परीजैसी देवी

    यूँही नही वो सालोंसे
    इस दिलपर राज करती है

    ©anandsardar