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Reposts
  • amarendrasingh 7w

    जख़्म इतने दे मुझे कि दर्द भी रुकने का नाम ना ले,
    हर साँस मेरी बन जाये ज़हर कि दवा भी काम ना दे|
    तेरी तस्वीर मुझे दिखती रहे अब हर जर्रे में,
    मैं इस क़दर सहूँ सितम कि मौत भी आराम ना दे|
    ©amarendrasingh

  • amarendrasingh 7w

    तेरे शहर में आज भी मुसाफ़िर बन कर आते है,
    सच तो ये है कि हम तेरा दीदार करने आते है...
    इक तसव्वर को तरसती रहती हैं ये निगाहें मेरी,
    दो पल ही सही हम तुझसे मुलाक़ात करने आते है...
    दर्द-ए-दिल अब छुपता नहीं छुपाने से,
    हम एक बेवफ़ा से वफ़ा का इज़हार करने आते है...
    और यूही महखाने मे वक़्त नही गुजारता अमर,
    हम तेरे शहर मे खुद को बर्बाद करने आते है...

    ©amarendrasingh

  • amarendrasingh 9w

    जख़्म तो दुनियाँ ने भी दिये थे मुझे बहुत,
    तूने इक और दे दिया तो शिकवा क्या करना.
    अ-ज़िन्दगी तुझसे शिकायत नहीं है मुझे कोई,
    हर शख्स मुझे बेवफा मिला तो तुझसे गिला क्या करना.
    ©amarendrasingh

  • amarendrasingh 9w

    तुझसे जितना प्यार है, ज़माने से हो गई है उतनी नफरत मुझे.
    मेरे सिवा तुझको कोई देखे, अब इस दिल से बर्दाश नहीं होता.
    ©amarendrasingh

  • amarendrasingh 9w

    ये जो धुआँ धुआँ सा उठ रहा है इस आसमान में,
    आज फिर किसी आशिक का दिल जल रहा होगा.

    किसी ने पूछा होगा हाल बिछड़ जाने के बाद,
    आज फिर कोई अपने जख्मों को खुद सिल रहा होगा.
    ©amarendrasingh

  • amarendrasingh 9w

    रब ने दिये थे कुछ मोती इन आँखों को,
    ये बोल कर कि इनको रखना शंभाल के,
    अगर कोई अपना हो जाये तुमसे दूर,
    तो बहा देना इनको उसकी याद में,
    मैंने सोचा था कि ये तो, ता उम्र ही रहेंगे मेरे पास, 
    मैंने सोचा था कि ये तो, ता उम्र ही रहेंगे मेरे पास,
    आज टूटा भरम वो मेरा,
    जब मैनें बहा दिये वो सब तेरी याद में....
    ©amarendrasingh

  • amarendrasingh 9w

    जिस मोड़ पर बिछड़े थे उस मोड़ पर मिलेंगे,
    ये दुनिया है बहुत छोटी हम इक रोज फिर मिलेंगे...
    ©amarendrasingh

  • amarendrasingh 9w

    जिंदगी वही लोग जीते है जो दूसरों के लिये जीते है,
    वरना तो यहाँ लोग आते है बस वक़्त बिताने के लिये...
    ©amarendrasingh

  • amarendrasingh 9w

    ये दुनियां बस उसी को याद करती है जिसका नाम है,
    यहाँ कौन पूछता है सरहदों पर शहादत पाने वालों को...
    ©amarendrasingh

  • amarendrasingh 9w

    तुझको सहारे की नहीं जरुरत,
    बस हौसला ही काफ़ी है उड़ान भरने के लिये.
    ये मंजिले तो क्या आसमान भी कदम चूमेगा तेरे,
    बस इक जज़्बा चाहिये कुछ कर गुजरने के लिये.
    ये नदियाँ ये झरने ये तो हर कोई पार कर जाता है,
    चल उठ अब भर उड़ान आसमान छूने के लिये.
    रहती दुनियां तक नाम रोशन रहे तेरा,
    कुछ ऐसा कर जा ज़िंदा रहने के लिये...
    ©amarendrasingh