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Reposts
  • ajit___ 12h

    तेज हवाओं में नजाने कितनों के पैर डूब गए,
    किसी की नज्में तैरती रहीं, किसी के शेर डूब गए!
    ©ajit___

  • ajit___ 1d

    तेरा सब कुछ लगा था दाव पे,
    हारना मेरा इस लिए भी जरूरी था
    ©ajit___

  • ajit___ 2d

    प्रेम शांत और मर्म है,
    जो हल्ला और दिखावा है,
    वो कुछ भी हो प्रेम नहीं हो सकता!

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    हांसिल करना हवस हो सकता है,
    ना हांसिल होते हुए, चाहते रहना प्रेम है!
    ©ajit___

  • ajit___ 2d

    तेरी निगाहें मेरी निगाहों तक पहुँच जाती है,
    तब मेरे दिल को एक ठारस सी पहुँच जाती है,

    तुझे देखने के लिए निकलता हूं इसी गली से,
    वर्ना बाजार तो गलियां और भी बहुत जाती है!
    ©ajit___

  • ajit___ 3d

    ऐसा kahe हुआ,
    Nasa में sarch चल रहीं है,

    Update आने पर bta दिया जाएगा ��

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    ~~
    हर प्रेमी ने अपना अपना दुःख लिखा,
    पढ़ने वाले को उसमें सिर्फ प्रेम दिखा!

    ©ajit___

  • ajit___ 3d

    इतनी सी बद्दुआ है, मेरी जो तुझे लग जाए,

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    खुदा तुझे वो तमाम दुख अता फरमाएं,
    जो देकर के तू लोगों के दिल दुखाता है!
    ©ajit___

  • ajit___ 3d

    ये रदीफ़ रदीफ़ ना हुआ, कोई घटना लगती है जो होगी मेरे साथ आखिरी बार,
    ������������

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    मरने के बाद देखता है हकीम नब्ज आखिरी बार,
    लिख सकता है कोई शायर वैसे ग़ज़ल आखिरी बार!
    ©ajit___

  • ajit___ 3d

    Tears,

    Wet is less and deep is more.

    ©ajit___

  • ajit___ 4d

    अंदाज ए जिया
    में एक ग़ज़ल,
    आपकी खिदमत में



    हर एक शेर कुछ कहता है,
    क्या कहता है, पता नहीं ��

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    आखिरी बार

    कैसे जताता मैं तुझसे प्यार आखिरी बार!
    कह दिया तुमने तो,"है यार आखिरी बार",

    गला बैठा हुआ है, इक ज़माने से मेरा! अब,
    आना है तो आजा, है ये पुकार आखिरी बार!

    इख्तियार दिया है ख़ुदा ने इन्हें, हमे मिलाने का,
    टूटे गी मजहब की आज दीवार आखिरी बार!

    कई हकीम बदले कई पीर बदल दिए, ताबीश,
    देखना मर जाएगा आज ये बीमार आखिरी बार!

    मुमकिन है तो लौट आ, यार फिर उसी अंदाज में
    हुई है मुझको तेरी आज दरकार आखिरी बार!

    जद्दोजहद करी है जिसने जंग जीत जाने की,
    म्यान से निकले गी वो तलवार आखिरी बार!

    दरिया चढ़ता जा रहा है, फकत तबाही से उपर,
    नाविक डूबेगा, डूबेगी एक पतवार आखिरी बार!

    मसरूफ रहना भले तमाम जिंदगी अपनों में,
    मुझको चाहिए कल तेरा इतवार आखिरी बार!

    बहुत हुआ रूठना मानना तुम दोनों में, अजीत,
    सच में अब सब कुछ है इस बार आखिरी बार!
    ©ajit___

  • ajit___ 4d

    .














    It's hardest to find a person who's ever been with us.
    ©ajit___