ajaykrsingh123

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Authored: Maun Ka Shor, Festoon

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  • ajaykrsingh123 12w

    पैगाम-ए-जाम

    छलकते अल्फाजों से मैं वो पैग़ाम लिखता हूँ,
    तुम तस्सली से पी सको मैं वो जाम लिखता हूँ।

    महफ़िल-ए-सफ़र को तुम बर्बाद मत करना,
    जो तुम्हें भूल गया उसे तुम याद मत करना।

    अधर से हलक तक तेरे जब ये जाम उतरेगा,
    दिल की दीवारों से महबूब का नाम उतरेगा।

    आज तुम डूब कर पीना ज़रा भी होश न रहे,
    हर दर्द डुबो देना कहीं कोई अफसोस न रहे।

    नशा जब तक दोनों का एक सा हो नहीं जाता,
    दर्द इश्क़ और तन्हाई का सारा खो नहीं जाता।

    तकल्लुफ जानकर के तुम पीना छोड़ न देना,
    इश्क़ साथ ना हो फिर भी जीना छोड़ न देना।

    छलकते अल्फाजों से मैं वो पैग़ाम लिखता हूँ,
    तुम तस्सली से पी सको मैं वो जाम लिखता हूँ।
    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 12w

    सरकारी कलाबाज़ी

    चौड़ी सड़कों पर चौड़ा चलते,
    तंग गलियों की फिक्र कहाँ,
    वो तो रसपान को आतुर फिरते,
    रंग कलियों की जिक्र जहाँ।

    उदास गाँव के चमकीले सपने,
    सोंधी खुशबू और ताज़ी हवा,
    मौसमी सड़क पर ज़रा फिसले,
    तो फिर शहर से आती है दवा।

    क्या हुआ जो बरसाती पानी,
    उस घर की चौखट लाँघ गया,
    हम देंगे तुमको अनुदान सभी,
    यह कहकर मत वो मांग गया।

    भोली भाली कतई नही है,
    ये जनता सबकुछ जानती है,
    यदि ना डूबे पानी में आधा,
    सब ठीक है ऐसा मानती है।

    एक उम्र बितानी है सबको,
    मिलेगी धूप कभी तो छाँव कभी,
    तुमको सच में सबकुछ देंगे,
    आश्वासन दिया ना अभी-अभी।

    आज साइकल कल होगी गाड़ी,
    बेच दो अपनी सब खेती बाड़ी,
    तुम तन के चलना सूट पहनकर,
    और अम्मा को देना महंगी साड़ी।

    बहुत समय है बीता लेकिन,
    फिर क्यों सब कुछ वैसा है,
    वो जो ठाठ झाड़ रहे है नेता,
    क्या यह उनका ही पैसा है।

    चार किलो अनाज पर नाज़ करते,
    कौड़ी की मदद व लाखों का इश्तहार,
    तरक्की की है योजना ध्यान से देखो,
    तारीफ के क़ाबिल है देश की सरकार।

  • ajaykrsingh123 12w

    शिक्षक दिवस

    ज्ञान अमृत का सागर घन कर,
    वो गागर हमको थमा दिया,
    राह दिखाई दीपक लौ बन कर,
    सम्पूर्ण तिमिर को मिटा दिया।

    कोटि नमन करबद्ध करें हम,
    गोविंद भले है जगत के पालक,
    चरण धरे फिर वही रहे हम,
    गुरू ही है वास्तविक संचालक।

    रीति नीति सब हमें सिखाया,
    मूल स्वरूप और रचना सिखलाई,
    नादान जब हमने हठ दिखाया,
    हमपर केवल करुणा ही बरसाई।

    धन बल बुद्धि सबकुछ दिया है,
    अलौकिक है ज्योति सूर्य समतुल्य,
    दीक्षा समय की ज्ञान निःशुल्क है,
    उनसे ही सीखा है सब जीवन मूल्य।
    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 12w

    दिल का दौरा

    वक़्त बेवक़्त अपने दिल का दौरा कर लिया करो
    वरना दिल दौरा करने आएगा,
    तुम भले एक ही मौके पर रूठे बैठे हो अब तक
    वो तुम्हें तीन मौके दे जाएगा।

    तुम भी दिल को कम से कम तीन मौके देना
    दिल पर कोई भार नहीं होगा,
    अगर यादों को भुलाना हो पर यह मत सोच लेना
    फिर दिल पर वार नही होगा।

    तुम्हें वक़्त की तकरीरें अनसुनी करनी होगी ही
    वो कभी भी तैयार नही होगा,
    आवारा दिल उन गलियों भटकना चाहेगा मगर
    लेकिन ऐसा हर बार नही होगा।

    आँखों से कहो कि ज़रा देखकर राह चुना करे
    दिल इतना ख़बरदार भी नही है,
    दिल के महल में चिलमन तो है पर दरवाज़े नही
    तनख्वाह पर कोई चौकीदार नही है।
    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 12w

    साधारण

    बिल्कुल सादा लिखता हूँ,
    जब दिल में बात नहीं होती,
    तब कुछ ज्यादा लिखता हूँ।

    अपना इरादा लिखता हूँ,
    मसालों से परहेज नही है,
    फिर भी सादा लिखता हूँ।

    सच ही हर बार लिखता हूँ,
    उससे मेरा कोई वादा नही,
    पर मैं वही करार लिखता हूँ।

    जितना हो सके कद्र लिखता हूँ,
    शब्दों को भी नग्न नहीं छोड़ता,
    साधारण लेकिन भद्र लिखता हूँ।

    अहम की डोर नही लिखता हूँ
    चौंका कर तुम्हें चकमा देता हो ,
    मैं कभी वो शोर नही लिखता हूँ।
    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 12w

    सौम्यता जब खो गई और मासूमियत है गुम,
    अब आखिर बचा क्या जिसे ढूंढ रहे हो तुम।
    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 13w

    A block of heart

    A block of heart is yours that cannot be blocked,
    Rhythm of your presence that cannot be stopped.

    Conflicts of commitment never ends in surprise,
    You always bow down and set for compromise.

    The wishes might miss but the curses do hit,
    What used to be perfect but now does not fit.

    You make peace with the consolation gift,
    The trophy you adored but you can never lift.

    Some hearts just train some for act and play,
    Some are for transition some where you stay.

    Long duals you had now doesn't make sense,
    Tried the possibilities just to limit your presence.

    Love sets no conditions to be obeyed mutually,
    Its vote is unconditional not for sanctions usually.

    In love you are to trust else lust is always first,
    Rigid are muscles of heart can't let go memories apart.
    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 13w

    Word Prompt:

    Write a 10 word micro-tale on Narrow

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    You got sharp like an arrow but thought stuck narrow.

  • ajaykrsingh123 13w

    Word Prompt:

    Write a 10 word micro-tale on Rigid

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    Rigid are muscles of heart,
    Cannot let memories go apart.

  • ajaykrsingh123 13w

    Word Prompt:

    Write a 8 word short tale on Trust

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    In love you trust
    Else lust is first.