ajaykrsingh123

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Authored: Maun Ka Shor, Festoon

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  • ajaykrsingh123 1w

    Just know

    Being able to see someone,
    Being able to talk someone,
    Being able to touch someone,

    These all are privileges.

    Someday you will miss meeting,
    Someday you will miss talking,
    Someday you will miss touching,

    Despite all the senses.

    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 2w

    2 अक्टूबर

    गांधी के रंग में लाल, गांधी के संग में लाल,
    उन्नीसवी सदी के थे गांधी और बीस में लाल।

    गांधी जी कमाल थे और गांधीवादी लाल थे,
    एक ही दिवस आए दो वीर दोनो बेमिसाल थे।

    गांधी ने कहा करो या मरो, हिंसा है अज्ञान,
    कहा लाल बहादुर ने जय किसान जय जवान।

    देश भक्ति से ओतप्रोत दोनो का अपना कद है,
    मातृभूमि के लिए प्रेम बढ़े दोनो का मकसद है।

    सादा जीवन उच्च विचार इनके जीवन मंत्र था,
    कर्म ही पूजा है इनके कार्य सिद्धि का यंत्र था।

    कुछ विशेष करना हो तो अभ्यास करो नित्य वही।
    दोनो रत्न बहुमूल्य है तुलना का औचित्य नहीं।

    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 3w

    Burden of truth

    You keep some truth inside,
    And you promised self not to reveal,
    It even crops up on the grave,
    And it can consume the forged steel.

    The baby of truth cries out loud,
    All against you it will gather a brigade,
    This little can kill many legions,
    No one can stand such a huge crusade.

    Many are living a miserable life,
    The truth makes their blood run cold,
    Hardships turn out to be worse,
    When It even happens to be very old.

    It is not ugly not a little at all,
    But this has spark of a mighty thunder,
    You misunderstood it always,
    You let the silly mistake to be a blunder.

    But it is audaciously blunt,
    Not all can handle the truth very well,
    Not all know the right potion,
    It's nothing but the truth you must tell.
    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 4w

    Pleasure of pain.

    The life is mess and this mess is huge,
    You have no shed or shelter for refuge.

    If you can extend then extend a little far,
    Where you survive and revive both at par.

    Pleasure sits on the chair of the very pain,
    Yet you believed that only love will remain.

    Even the darkest night is not the full at all,
    Numerous stars brighten even look small.

    This whole planet is not even up to a mole,
    The largest mansion on earth is like a hole.

    Happiness is prime that you know very well,
    Still the evil claws held you captive in a cell.

    A life that you are staking is all your making,
    No one can blamed it is futile to be debating.
    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 5w

    क्या उठा लाये

    गिरती रही मोहब्बत दिलों से,
    लोगों ने मोहब्बत से जनाज़े उठाये,
    खुदा ने अफसोस कर पूछा,
    क्या लेने गए थे और क्या उठा लाये।
    शांति के प्रतीक श्वेत ध्वज को
    तुमने लहू से सुर्ख लाल कर दिया,
    नम थी आँखें रब की जब कहा,
    मेरे प्रिय तुमने कमाल कर दिया।
    कहते है कि ईश्वर हारता नहीं,
    बेवक़्त किसी को भी मारता नहीं,
    पर यहाँ तो खुदा बंदों से हारा है,
    उसकी दुनिया पर हक़ हमारा है।
    धरती तो हाथ से निकल चुकी है,
    अब तो स्वर्ग पर भी नज़र है,
    लूट से भरते है वो दान की पेंशन,
    क्या करें भले ही वो ईश्वर है।
    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 5w

    पैगाम-ए-जाम

    छलकते अल्फाजों से मैं वो पैग़ाम लिखता हूँ,
    तुम तस्सली से पी सको मैं वो जाम लिखता हूँ।

    महफ़िल-ए-सफ़र को तुम बर्बाद मत करना,
    जो तुम्हें भूल गया उसे तुम याद मत करना।

    अधर से हलक तक तेरे जब ये जाम उतरेगा,
    दिल की दीवारों से महबूब का नाम उतरेगा।

    आज तुम डूब कर पीना ज़रा भी होश न रहे,
    हर दर्द डुबो देना कहीं कोई अफसोस न रहे।

    नशा जब तक दोनों का एक सा हो नहीं जाता,
    दर्द इश्क़ और तन्हाई का सारा खो नहीं जाता।

    तकल्लुफ जानकर के तुम पीना छोड़ न देना,
    इश्क़ साथ ना हो फिर भी जीना छोड़ न देना।

    छलकते अल्फाजों से मैं वो पैग़ाम लिखता हूँ,
    तुम तस्सली से पी सको मैं वो जाम लिखता हूँ।
    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 6w

    सरकारी कलाबाज़ी

    चौड़ी सड़कों पर चौड़ा चलते,
    तंग गलियों की फिक्र कहाँ,
    वो तो रसपान को आतुर फिरते,
    रंग कलियों की जिक्र जहाँ।

    उदास गाँव के चमकीले सपने,
    सोंधी खुशबू और ताज़ी हवा,
    मौसमी सड़क पर ज़रा फिसले,
    तो फिर शहर से आती है दवा।

    क्या हुआ जो बरसाती पानी,
    उस घर की चौखट लाँघ गया,
    हम देंगे तुमको अनुदान सभी,
    यह कहकर मत वो मांग गया।

    भोली भाली कतई नही है,
    ये जनता सबकुछ जानती है,
    यदि ना डूबे पानी में आधा,
    सब ठीक है ऐसा मानती है।

    एक उम्र बितानी है सबको,
    मिलेगी धूप कभी तो छाँव कभी,
    तुमको सच में सबकुछ देंगे,
    आश्वासन दिया ना अभी-अभी।

    आज साइकल कल होगी गाड़ी,
    बेच दो अपनी सब खेती बाड़ी,
    तुम तन के चलना सूट पहनकर,
    और अम्मा को देना महंगी साड़ी।

    बहुत समय है बीता लेकिन,
    फिर क्यों सब कुछ वैसा है,
    वो जो ठाठ झाड़ रहे है नेता,
    क्या यह उनका ही पैसा है।

    चार किलो अनाज पर नाज़ करते,
    कौड़ी की मदद व लाखों का इश्तहार,
    तरक्की की है योजना ध्यान से देखो,
    तारीफ के क़ाबिल है देश की सरकार।

  • ajaykrsingh123 6w

    शिक्षक दिवस

    ज्ञान अमृत का सागर घन कर,
    वो गागर हमको थमा दिया,
    राह दिखाई दीपक लौ बन कर,
    सम्पूर्ण तिमिर को मिटा दिया।

    कोटि नमन करबद्ध करें हम,
    गोविंद भले है जगत के पालक,
    चरण धरे फिर वही रहे हम,
    गुरू ही है वास्तविक संचालक।

    रीति नीति सब हमें सिखाया,
    मूल स्वरूप और रचना सिखलाई,
    नादान जब हमने हठ दिखाया,
    हमपर केवल करुणा ही बरसाई।

    धन बल बुद्धि सबकुछ दिया है,
    अलौकिक है ज्योति सूर्य समतुल्य,
    दीक्षा समय की ज्ञान निःशुल्क है,
    उनसे ही सीखा है सब जीवन मूल्य।
    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 6w

    दिल का दौरा

    वक़्त बेवक़्त अपने दिल का दौरा कर लिया करो
    वरना दिल दौरा करने आएगा,
    तुम भले एक ही मौके पर रूठे बैठे हो अब तक
    वो तुम्हें तीन मौके दे जाएगा।

    तुम भी दिल को कम से कम तीन मौके देना
    दिल पर कोई भार नहीं होगा,
    अगर यादों को भुलाना हो पर यह मत सोच लेना
    फिर दिल पर वार नही होगा।

    तुम्हें वक़्त की तकरीरें अनसुनी करनी होगी ही
    वो कभी भी तैयार नही होगा,
    आवारा दिल उन गलियों भटकना चाहेगा मगर
    लेकिन ऐसा हर बार नही होगा।

    आँखों से कहो कि ज़रा देखकर राह चुना करे
    दिल इतना ख़बरदार भी नही है,
    दिल के महल में चिलमन तो है पर दरवाज़े नही
    तनख्वाह पर कोई चौकीदार नही है।
    ©ajaykrsingh123

  • ajaykrsingh123 6w

    साधारण

    बिल्कुल सादा लिखता हूँ,
    जब दिल में बात नहीं होती,
    तब कुछ ज्यादा लिखता हूँ।

    अपना इरादा लिखता हूँ,
    मसालों से परहेज नही है,
    फिर भी सादा लिखता हूँ।

    सच ही हर बार लिखता हूँ,
    उससे मेरा कोई वादा नही,
    पर मैं वही करार लिखता हूँ।

    जितना हो सके कद्र लिखता हूँ,
    शब्दों को भी नग्न नहीं छोड़ता,
    साधारण लेकिन भद्र लिखता हूँ।

    अहम की डोर नही लिखता हूँ
    चौंका कर तुम्हें चकमा देता हो ,
    मैं कभी वो शोर नही लिखता हूँ।
    ©ajaykrsingh123