abhirites

कभी-कभार लिख लेता हूं.. __ ig: abhirites

Grid View
List View
Reposts
  • abhirites 15w

    कैसे बताऊ की तुम मेरे लिए कौन हो ..
    छुपा नहीं तुमसे कुछ,
    फिर भी तुम मौन हो |

    तुम रात का आखरी ख्याल हो,
    तुम सुबह की पहली याद हो,
    तुम आशा का आसार, गीतों का सार ..
    तुम ही जीत तुम ही हार हो |

    तुम सूरज की किरण हो
    तेज़ हो तो जल जाऊ, धीमी हो तो राहत पाऊं,
    तुम्हारी राह देखूं आओ तो मुस्कुराऊँ |

    मैं बेखुदी में सोचता तुम्हें हूँ,
    हर घड़ी में खोजता तुम्हें हूँ,
    मैं ख्वाबों में मिलता तुमसे हूँ,
    मुर्झाया फूल,मैं खिलता तुमसे हूँ |

    तुम्हारी सुंदरता की व्याख्या करूँ
    तो शब्द कम है ,
    गिरे भी हो अगर नैनो
    से आंसू तो शबनम है |

    तुम पास हो, दूर हो, सच्चाई हो,
    रचना हो असल कभी धुंधली परछाई हो ..
    याद मुझे हर बात तुम्हारी
    जैसे मेरी ही लिखाई हो |

    मेरे तो सारे बोल तुम्हारे लिए
    लेकिन तुम मौन हो ..
    और कैसे बताऊं की तुम मेरे लिए कौन हो !
    ©abhirites

  • abhirites 19w

    बात नहीं होती है

    पता नहीं क्या सोच बैठे हो तुम..
    होती थी रोज़ बातें , आज कहां हो गुम..
    तुम्हारे बिन सूरज ढल तो जाता है पर शाम नहीं होती है...
    कहने सुनने को है कितना कुछ
    पर अब बात नहीं होती है।

    एक वक़्त थे दिन रात बराबर
    बिन सोचे सब तुमसे कहता था..
    औरो का मतलब नहीं,खयाल तुम्हारा रहता था,
    थक गए है किस्से..
    कहानियां भी अब रोती है...
    कहने सुनने को है कितना कुछ
    पर अब बात नहीं होती है।

    सूना सा अब है सब
    बदला था कभी,या बदला हूं अब
    मिलकर भी सामने
    अब ये खामोशी सहन नहीं होती है...
    कहने सुनने को है कितना कुछ
    पर अब बात नहीं होती है।।

    ©abhirites

  • abhirites 28w

    And at last..
    SAD is NOT that BAD.


    ©abhirites

  • abhirites 28w

    In a way or something
    Can you make our hearts one..
    Can you make us sail across
    The ocean of expectations...
    ©abhirites

  • abhirites 36w

    पता नहीं क्या सोच बैठे हो तुम..
    होती थी रोज़ बातें , आज कहां हो गुम..
    तुम्हारे बिन सूरज ढल तो जाता है पर शाम नहीं होती है...
    कहने सुनने को है कितना कुछ
    पर अब बात नहीं होती है।

    एक वक़्त थे दिन रात बराबर
    बिन सोचे सब तुमसे कहता था..
    औरो का मतलब नहीं,खयाल तुम्हारा रहता था,
    थक गए है किस्से..
    कहानियां भी अब रोती है...
    कहने सुनने को है कितना कुछ
    पर अब बात नहीं होती है।

    सूना सा अब है सब
    बदला था कभी,या बदला हूं अब
    मिलकर भी सामने
    अब ये खामोशी सहन नहीं होती है...
    कहने सुनने को है कितना कुछ
    पर अब बात नहीं होती है।।

    ©abhirites

  • abhirites 38w

    सारी बातें हैं बातो का क्या,
    सब चेहरा देखते हैं
    जज्बातों का क्या..

    ©abhirites

  • abhirites 43w

    क्या कुछ ही दिन की बाते है सारी
    क्या कुछ दिन ही सब कुछ होता है..
    मन में किताब लिख कर तू
    सामने मौन क्यों होता है।।


    ©abhirites

  • abhirites 52w

    कोई बात नहीं
    जो आज नहीं
    मेरे मन में रहेंगे जज़्बात वही
    तुम शाम हो मेरी में रात वही
    आखिर क्यों और कैसे ये मायने..?
    बस तुम
    तो क्या ग़लत और क्या सही...

  • abhirites 54w

    You saw my smile
    Not my eyes..

    ©abhirites

  • abhirites 66w

    When the sun is hiding,
    Clouds are slow
    I see you and smile
    My face's sun glow

    You smile back at me,
    and i let myself drown
    Still, staring at you
    Ready to brake walls around..

    Hope the magic completes

    Dreams sinking deep
    Levitating on my own,
    as in my mind the moment i keep..

    ©abhimanyu_17