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Reposts
  • abdulramiz 4d

    या दिल से तर्क किजिओ, दस्तार का ख़्याल,
    ,,
    ,,
    या इस मामले में कभी सर न दिजीओ

  • abdulramiz 5d

    कुछ इत्तेफ़ाक बहुत खुशगवार होते हैं,
    ,,
    ,,
    तुम्हारा मेरे जमाने में पैदा होना

  • abdulramiz 1w

    अक्टूबर की रातें

    मोहब्बत के शुरू वाले दिनों की जैसी हैं
    हल्की पुर_नम और उदास

  • abdulramiz 2w

    तुम्हारा साथ जो मिलता ,,,
    ,
    ,
    ख़ुशी से हम ना मर जाते ..!!

  • abdulramiz 2w

    एक तरफ खसारे जहां के,
    ,,
    ,,
    एक तरफ हाथ से गंवाया हुआ तू

  • abdulramiz 2w

    इस लरजते अश्क की हिम्मत तो देख,

    डट गया है कहकहे के सामने

  • abdulramiz 2w

    वो मेरा घर ,,,,,,,
    .

    मेरी तमन्ना ,,
    .

    मेरे शौक़ ,,,
    .

    सब मर गए में तबाह-ओ-बर्बाद होकर आया हूँ ...!!!!

  • abdulramiz 3w

    मोहब्बत सराब_ए_जज़्बात की आतिश में जलने का नाम है

  • abdulramiz 3w

    मैं चाहता हूं वो अर्क_ए_गुलाब से गुसुल करके सुर्ख कपड़ों में मलबूस हो, जुल्फों को अत्र_ए_अनूद से मो'अत्तर करके बाम पर खड़ी मेरा इंतजार करे और मैं न जाऊं

  • abdulramiz 3w

    हम इतनी गर्मजोशी से मिले थे,
    ,,
    ,,
    हमारी चाय ठंडी हो गई थी