Grid View
List View
Reposts
  • a_step_to_change 131w

    बहुत गा लिया मुन्नी और शीला वाले गाने को,
    जय हिन्द, जय हिन्द, वन्दे मातरम् भी गाइये।
    इंकलाब के नारे फिर से दोहराइये,
    चढ़ गए जो फांसी,कटा दिए हैं शिश।
    ऊर्जा से ओत - प्रोत उस वीर को न बिसराइये।
    बहुत कोसते हैं सरकारो, और लोगों को।
    महीने में 10 दिन धरने पे जाते हैं।
    सोचिए सेना भी गर धरने पे आ गयी,
    क्या होगा देश का स्वयं ही विचारिये।
    सब भूल कर काम में जूट जाइये,
    जय हिन्द, जय हिन्द, वन्दे मातरम् गाइये।
    ©a_step_to_change

  • a_step_to_change 132w

    औरों की खुशीयों में खुश होना भी जरूरी था।
    टूट रहा था गर हौसला किसी का,
    तो उसकी हिम्मत बनना भी जरूरी था।
    चाहिए था प्यार औरों से,
    तो खुद से प्यार करना भी जरूरी था।
    ©a_step_to_change

  • a_step_to_change 134w

    बारिश में भीगकर, कड़ी धूप में जलता है,
    तब जाके एक फसल उगाता है।
    महीनों एक फसल के पीछे किसान मेहनत करते हैं,
    तब जाके हमें अन्न मिलता है।
    हां वही अन्न जो आप,
    शादियों, पार्टीयों में आसानी से बर्बाद कर देते हैं।
    ©a_step_to_change

  • a_step_to_change 136w

    उसकी आज खुद से दोस्ती गहरी हो गई।
    देखो आज धुप सुनहरी हो गई

  • a_step_to_change 137w

    धर्म की बात करो तो दंगे हो जाते हैं।
    बात जब लड़की के अस्मत पे आए तो सब क्यूं गूंगे हो जाते हैं।
    क्यूं नहीं तुम्हें उस बेटी की चिख सुनाई देती है।
    क्यूं हर 4 सेकंड में एक लड़की की इज्जत लुटी जाती है।
    जन्म के पहले ही हत्या करने की सोचते हो।
    वहां से बच गई तो गीदड़ो सा नोचते हो।
    माना हर लड़की को बहन नहीं कह सकते हो।
    पर एक लड़की की इज्जत तो कर सकते हो।
    एक के कृत्य से पूरे नर जाती पर कलंक लगाते हो।
    पर बात समझ में तब आती जब अपने पर गुजरी होती।
    तब न्याय के लिए चिल्लाते जब अपनी इज्जत लुटी होती।
    ©a_step_to_change

  • a_step_to_change 138w

    कई लड़कियों के सपने कुछ असमाजिक तत्वों की वजह से भी पुरे नहीं हो पाते । हमें इस तरफ भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
    #panchdoot , #panchdoot_india, #pandoot_social , #socialissue , @silpigupta4635, @_perky_ , @thakurvikram ,@richasharma__

    Read More

    कुछ ख्वाबो को पूरा करने घर से निकलती है लड़कियां।
    हर रोज जिंदगी के नए मोड़ से गुजरती है लड़कियां।
    जिंदगी की मुश्किलों को पार करना आसान है।
    पर चौराहे की कुछ निगाहों से बच पाना पहाड़ है।
    वो निगाहें जो देखते ही बेआबरू कर देती है।
    कुछ शब्दों से रूह को कुचल देती है।
    बिन छुए ही ये घाव गहरा देती है।
    कई सपनों पर ये पहरा लगा देती है।
    क्या लगता है आपको ये छोटा गुनाह है।
    अरे नहीं जनाब ये तो मानसिक बलात्कार है।
    ©a_step_to_change

  • a_step_to_change 138w

    तुम साथ नहीं दोगे तो क्या हुआ,
    हमें अकेले चलने आता है।
    हम मासूम है, कमजोर नहीं।
    हमें सच की आवाज उठाने का फन आता है।
    ©a_step_to_change

  • a_step_to_change 138w

    नारी

    मैं चाहती हूं कि तुम में हया बनी रहे,
    क्यूंकि दुनिया को संस्कार सिखाना है तुम्हें।
    मैं चाहती हूं कि गलत के खिलाफ लडना भी आए तुम्हें,
    क्यूंकि कई बुराईयों को मिटाना भी है तुम्हें।
    ©a_step_to_change

  • a_step_to_change 138w

    क्या पता उन्हें पिता करता कैसे कैसे जुगाड़ ,
    एक बिटिया की शादी में ही कर्ज में डूब जाता परिवार।
    कितना प्यारा होता था पहले इनका संसार,
    अब चेहरे उतर गए सबके बदल गया व्यवहार।
    फिर भी पिता दे देता सब कुछ समझ करके उपहार।
    ताकि बिटिया खुश रहे बस जाएं उसका संसार।
    पर लोभी का लालच भला कभी मिट पाया है।
    दहेज की अग्नि ने हर बार एक बेटी को जलाया है।
    ©a_step_to_change

  • a_step_to_change 139w

    बहु चाहिए गऊ जैसी,
    और दहेज की उम्मीद भी रखते हो।
    संस्कार चाहिए सीता जैसे,
    और कैकेई सा व्यवहार करते हो।
    क्या मियां क्यूं मजाक करते हो।
    गर बेटा लायक है,
    तो दहेज की आस क्यूं रखते हो।
    गर बेटा नालायक है,
    तो भी दहेज की उम्मीद करते हो ।
    क्या मियां क्यूं मजाक करते हो।
    ©a_step_to_change