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Reposts
  • _yashu_ 55w

    ...

    जो दूरियों में भी कायम रहे
    वो इश्क़ ही कुछ और है
    मोहब्बत में इंतज़ार का
    सुकून ही कुछ और है
    ~यsh

  • _yashu_ 55w

    ...

    चाहा तो हमने कभी ना था इस दिल को किसी के नाम करना
    नज़र क्या पड़ी इस दिल की तुम पर
    ये खुद ब खुद तेरे नाम हो गया
    ~यsh

  • _yashu_ 56w

    ...

    आए थे तुम मेरी ज़िंदगी में खुशी की नई सौगात लेकर
    तुम अब जाना मत
    प्यार होता क्या है इस दिल को समझाया तुमने था
    अब इस दिल को प्यार के लिए तरसाना मत
    तुम अब जाना मत
    मुझे संभाला तुमने था , मुझे बनाया तुमने था
    अब इस अधुरी पनपी जान को तुम छोड़ जाना मत
    तुम अब जाना मत
    भरोसा उठ गया था प्यार से मेरा पर तुमने आते ही ये बात गलत साबित कर दी
    अब इस मुसाफ़िर को दर दर भटकाना मत
    तुम अब जाना मत
    तुम अब आए हो ना तो यार अब जाना मत
    हसना सिखा कर मुझे एक दफा फिर से रुलाना मत
    तुम अब जाना मत
    ~यsh
    ©_yashu_

  • _yashu_ 58w

    ...

    मेरे जाने के बाद भी तुम मुझे याद आओगी क्या
    जो पायल मैने अपने हाथों से पहेनाई थी
    उसे खनकता सुन तुम खुद को रोक पाओगी क्या
    यsh
    ©_yashu_

  • _yashu_ 58w

    ...

    नज़रो मे दिल के आगे कुछ यु कहते हुए सर झुकाया है
    कि मैं तो बया कर देती हूँ हाल ए मन के जज़्बात सारे बह कर
    पर तुझ तक तो जाने कि कोई इनायत ही नहीं करता
    यsh
    ©_yashu_

  • _yashu_ 58w

    ...

    यु तो मुश्किले हज़ार होगी उन रास्तों में
    फिर भी उस एक मुस्कान के लिए तुम चल देना
    यsh

  • _yashu_ 59w

    ...

    दस्तक ने तुम्हारी कुछ यु मुकर्रब कायम कि है
    शरर से इस नूर ने तस्कीन कायम की है
    यsh
    ©_yashu_

  • _yashu_ 60w

    ...

    मैं
    .
    .
    .
    .
    Knowingly Undefined
    यsh

  • _yashu_ 62w

    ...

    मेरी कलाई मरोड़ के तंग मुझे वो बहुत करता है
    उस कंगन से भी सब से ज्यादा वो ही जलता है
    यsh
    ©_yashu_

  • _yashu_ 62w

    ...

    किस्मत तो उस कंगन कि भी है
    जो हर बार तुम्हारी कलाई पर रहता है
    यsh
    ©_yashu_