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  • _relatable_asa_ 39w

    Visar Te Ata

    Yaad kadun kide kartale repeatedly? Swatak tras?
    Visar te ata. Tatunt'lyan kide tari tu shikle astale jene tuka tras dila. Fudle ayushya padla tuje mukhar. Mhanun faatle vichar manaan haad nastana sukh'n jag ani fudli jin tuji sarthak kar..

    ©_relatable_asa_

  • _relatable_asa_ 40w

    Payli Favt

    "Payle favti mogan padun mistake keli" ashe taane mhka mhatle. "Tech tar re tuka life'a khatir khup kide shikon gele" haave zaap dili...

    ©_relatable_asa_

  • _relatable_asa_ 63w

    दबे पाँव, बंद मूट्ठी,
    बढा जहरीला खेल है,
    चूहे जो खिसकते नही,
    उनमे अपना ही मेल है।

    फूल जो खिलते नही,
    थोडा अपना सा एहसास है,
    फल जो फलते नही,
    उनमे अपना ही द्वेष है।

    सावन जो बरसता नही,
    उसमे भी कुछ खामियाँ है,
    नदीयाँ जो बहती नही,
    किसी का तो दोश है।

    अपने अपनों में ही झूलस रहे हैं,
    और बात करते हैं कायापालट की,
    गैरों में भी वक्त कहाँ,
    कुछ आप की, या फिर कुछ खुद की।

    ©_relatable_asa_

  • _relatable_asa_ 63w

    देख रहा हूँ मै आजकल,
    बारीश की बुँदे थोडीं घबरा गईं हैं,
    थोडी गिर रहीं, थोडीं हवा में हीं पिगल रहीं हैं।

    चीख रहे हैं पेड पौधे,
    जानवर और पक्षि भी,
    कहते, "घर, वाले नहीं देते, चुल्लू भर पानी और बचा हुआ खाना भी।"

    "क्या करूँ कैसे बरसूँ?
    बच्चे मेरे भूके भी।"

    "बरस ना माँ, थोडा तरस ना माँ,
    भूके हैं, और प्यासे भी,
    हमारा छोडो,
    थोडे कल ही जन्मे हैं, नहीं देखी उन्होंने दुनिया भी।"

    ©_relatable_asa_

  • _relatable_asa_ 64w

    ठहर गया उस बंजारे का भटकना,
    राहें भी कुछ थम सी गई,
    मीलो मील चलते चलते,
    आखिर कार उसे प्यास लग ही गई।

    बोतल निकाली तो पानी नही,
    बैग खोला तो खाना नही,
    तितर बितरसी है कुछ जिंदगी,
    लगे जैसे कोई खूश नसीब नही।

    धुप छाव, बरीश थंड,
    चल चल चलते पाँव,
    घटती रही जवानी,
    घटती रही जिंदगी।

    मिले ठीकाना, मिले मंजिल,
    मिले थोडी जिंदगी सही,
    बचे कुछ साँसों के साथ,
    दास्तान उसकी हो जाए पूरी।

    ©_relatable_asa_

  • _relatable_asa_ 64w

    महफिल सजी है आज, अलग से जिने के लिए,
    हवा भी कुछ अलग से बह रही आज, सांसों में सांस भरने के लिए,
    जिंदगी बीच में कुछ पहलू भी छोड रही थी खूद से,
    शायद इसीलिए आज कुछ दबे लफ्ज आ खडे हुए जुबान पर बाहर आने के लिए ।

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  • _relatable_asa_ 65w

    A Photograph

    A photograph says a lot of things, it captures a lot of things, one photo is a compilation of countless things together! A moment, an emotion, a memory, a day and a lot and lots of things!

    ©_relatable_asa_

  • _relatable_asa_ 65w

    आज कुछ मन हलका करने का दिल किया उसको, तो हसने लगे लोग। बात काटकर बाेले, "ये देखो आ गई लडकी।" यह कहकर उन्होने दो बातें जो उनके मन में बस चुकी हैं, वे दिखाई। पहली: हरकतोंसे तय होता है कि यह लडका है या लडकी। दूसरी: जज्बातों की कोई अहमियत नही होती।

    क्यों है यह जातिवाद? क्यों इन बातों को मान लिया जाता है? क्यों बस इन्ही बातों का सम्मान और प्रयोग होता है। हरकते तो इन्सान का व्यक्तित्व बताती है, ना की लिंग। और क्या ये सभ विचार रखना "औरतों का अपमान" नही होता?

    सोचलो और समझलो इन बातों को। देखने का दृष्टिकोण बदलो। सभीं के जज्बातों की इज्जत करो।

    "बात काटकर, सिर्फ उसकी बात कट गई
    दिल नही टूटा, पता चला उसे भी,
    यहा नही तो कही और ही सही,
    अपनेसे जुडनेवाला कोई मिल जाए बस।"

    ©_relatable_asa_

  • _relatable_asa_ 66w

    दफनाने पडते हैं उसूलोंके बोझों तले कुछ ख्वाब,
    अहमियत मनसे कुछ ठीक नही लगती जो गिन रहे हैं आज कर्मों से,
    कुछ पराए समझ जाते हैं अपना मान कर, यहाँ तो अपने ही पराएपन का मतलब समझा जाते हैं।

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  • _relatable_asa_ 66w

    उजळतात मनात भावना तुझ्या आठवांच्या खतपाण्याने,
    अगदी अल्गद तरंगतात माझ्या काळजाच्या किना-यावर,
    आणि मग त्या जोरदार विरहाच्या लाटेबरोबर वाहून जातात पुन्हा एकदा माझ्या काळजाच्या खोलवर...

    ©_relatable_asa_