Grid View
List View
Reposts
  • _radhe_krishna 2w

    Random thoughts

    Read More

    मै ऐसी हु नही जैसे
    मुझे बनना पड़ता है।
    दिल खुद का
    ही दुखाकर
    मुझे ये करना पड़ता है।
    © Milisha Mishra

  • _radhe_krishna 2w

    मन कहता है
    कि काश!
    मै मोर पंख होती
    इसी बहाने
    कृष्ण के
    पास तो होती।
    ©Milisha Mishra

  • _radhe_krishna 2w

    प्रेम की क्षुधा से ग्रसित व्यक्ति को,
    अमृत से भी तृप्ति नहीं मिलती।
    ©Milisha Mishra

  • _radhe_krishna 4w

    छठ!

    छठ!
    यह एक पर्व ही नहीं
    बल्कि एक एहसास है
    यूपी बिहार के उन सभी
    मां और औरतों का स्नेह है जो
    अपने बेटे और पति की राह देखती है।
    यह वह निस्वार्थ भाव है जो वह
    भगवान सूर्य और छठी माता पर पूर्ण रुप से
    पूरी आस्था के साथ करती हैं।
    वह अनुभूति है
    जिसके स्मरण मात्र से ही
    तन , मन, जीवन शीतल हो जाता है।
    छठ!
    एक पर्व ही नहीं बल्कि !
    एक अटूट विश्वास , आस्था ,
    समर्पण का दिवस है।
    वह दिन जो हर यूपी और बिहार के
    लोगों के जीवन का सबसे खास ही नहीं
    बल्कि अमूल्य और
    अविस्मरणीय दिन होता है।
    © Milisha Mishra

  • _radhe_krishna 5w

    It gives me peace,
    when I become the reason
    for someone's smile.
    © Milisha Mishra

  • _radhe_krishna 6w

    जिन्दगी

    जिंदगी चार दिन की है
    दो दिन तो बीत गए ।
    दो और बचे हैं जिन्हें बर्बाद मत करो ,
    उसमें जीना सीखो ।।
    जो है जितना है ,
    उसी में खुश रहना सीखो।
    ©_radhe_krishna

  • _radhe_krishna 6w

    Life

    Life is like a book.
    If you think that those bad days,
    we could have removed them,
    then you are wrong ..
    because
    if the middle pages are torn from
    the pages of the book,
    then no one can understand the story.
    And the story remains an unsolved riddle,
    so learn to accept it as it is.
    © Milisha Mishra

  • _radhe_krishna 13w

    गुरू और सीख।

    एक शिक्षक कोई भी हो सकता है ।
    चाहे वह एक सजीव हो या
    निर्जीव ही क्यों ना हो।
    हम कभी कभी अपने छोटे
    तो कभी कभी अपने बड़ों से सीखते हैं ।
    परंतु कभी-कभी ऐसा होता है
    कि प्राकृतिक भी हमें कुछ ना कुछ
    सीख दे देती है ।
    समय समय पर कभी
    मनमोहक दृश्यों से तो
    कभी आपदाओं के रूप में ।
    ताकि हम हर परिस्थिति का
    सामना करने में सक्षम रहें।
    © Milisha Mishra

  • _radhe_krishna 18w

    दिल से जान निकाल कर
    देता है ।।
    जब एक पिता
    बेटी को विदा करता है।।
    @milisha_mishra

  • _radhe_krishna 20w

    #कृष्ण

    Read More

    मोहे!

    मोहे सावरे से प्रीत है।
    मोहे और कछु चाहत नाही।
    प्रीत में मोहन, मोहन मे प्रीत है।
    जग से काहे कछु भी चाही।
    ©_radhe_krishna