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Reposts
  • _flyingcolors_ 4d

    मैं अपनी मोहब्बत का ख्याल,
    कुछ इस कदर रखा करता हूं,

    आईने कई है घर में मेरे बस,
    उसकी आंखों को देखा करता हूं।

    ©आकाश वर्मा

  • _flyingcolors_ 4d

    लगती रही इस दिल में आग कुछ इस कदर
    हमने फिर कभी इसे हवा नहीं किया,

    और इश्क हुआ भी तो एक दफा ही हुआ हमें
    हमने फिर कभी दोबारा नहीं किया।

    ©आकाश वर्मा

  • _flyingcolors_ 6w

    रिश्तों को तुम सालों
    में कैसे तय कर लेते हो,

    मुझे उसे भुलाने में
    आज भी जमाना लगता है।

    आकाश वर्मा

  • _flyingcolors_ 6w

    The disappointing
    thing about life is that,

    people say you things
    when it's already too late.

    Akash Verma

  • _flyingcolors_ 6w

    गले लग जाते हैं तुम्हारे
    जाने के बाद भी हमारे,

    यादों का अलग ही रिश्ता है,
    तुम्हारे भूल जाने के बाद भी।

    आकाश वर्मा

  • _flyingcolors_ 11w

    kissi intezaar mein kitni haad ho,
    ki wo intezaar, ek intezaar laage.

    AkashVerma

  • _flyingcolors_ 12w

    एक शख़्स है जो,
    अभी-अभी ज़िंदगी में मेरे आया हैं,

    समझ नहीं आता,
    मैंने बुलाया है या खुदा ने मिलाया है।

    आकाश वर्मा

  • _flyingcolors_ 12w

    हम उनकी मोहब्बत का हसीन,
    पहरा कुछ इस कदर करते हैं,

    जब भी देखता है कोई हमें प्यार से,
    हम नज़र झुका लिया करते हैं।

    ©आकाश वर्मा

  • _flyingcolors_ 12w

    यह इश्क आधा कैसा होता है,
    दिल से किया वादा तो वादा होता है,

    भूल जाता हूं उसे मुझे भूलना भी होगा,
    इश्क से मेरा आज भी कितना झगड़ा होता है,

    दोस्ती जब कि है तुमने हमसे,
    तो दोस्ती में यह जताना कैसा होता है,

    कल का मेहमान आज अपना सा लगता है,
    कोई रहे तो बताऊं अपना कहना कैसा होता है,

    देखो मेरी हंसी गम में बदल गई है,
    कोई बताएगा मुस्कुराना कैसा होता है,

    और मौत आए तो उसे गले से लगा लूं,
    उसके बिना जीना भी एक सौदा सा होता है,

    यह इश्क आधा कैसा होता है,
    दिल से किया वादा तो वादा होता है।

    आकाश वर्मा

  • _flyingcolors_ 15w

    किसी भी रिश्ते को,
    तुम एक उम्र से न‌ नापो,

    एक उम्र लग जाती है,
    उन्हें 'लगभग' भुलाने को।

    आकाश वर्मा