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  • _athazaz 5w

    एक चाँद की सोहबत में अपनी रातें गुज़ारी थी।
    अब इन जुगनुओं की रोशनी में,
    ये दिल मेरा लगेगा नहीं।

    ©_athazaz(Animesh)

  • _athazaz 6w

    इक अनजान शहर में
    एक शख्स को घर मान बैठा था मैं।
    अब कुछ यूं बिछड़ा है वो,
    की खुद के भीतर से भी
    बेघर कर गया मुझको।

    ©_athazaz(Animesh)

  • _athazaz 10w

    Let's fall in LOVE

    In my dreams of the darkest night
    I wish to walk into the brightest light

    I dream, we fall in love
    I dream of your hands in mine
    A dream not true, yet so divine

    I wish to walk, with you by my side
    I wish to walk, with you for miles
    For my eyes glitter, when I see you smile
    Your voice just twirls in my mind
    A voice so fresh, like the morning sky

    I wish we fall in love
    But not for the face
    And not with the voice
    I wish we fall in love
    For the soul that resides.
    ©_athazaz
    ©_athazaz

  • _athazaz 16w

    खरीद कर किसी मेले से
    गुब्बारे कई सारे
    वो उनकी डोर यूँही छोड़
    दिया करती थी।
    कितना नादां था मैं
    जो ना समझा वो इशारे।
    वो दिल लगाकर लोगों से
    यूँही दिल तोड़ दिया करती थी।

    ©_athazaz(Animesh)

  • _athazaz 20w

    ये शहर नहीं, कहानी है मेरी।
    और इस कहानी का सबसे
    पसंदीदा किरदार मेरा,
    मेरे लिए मर गया है।
    ©_athazaz(Animesh)

  • _athazaz 30w

    एक रोते हुए शख्स को
    आंसुओं से लड़ना सीखा रहा था,
    रो खुद भी रहा था
    मगर अपने आँसू छुपा रहा था।
    कुछ इस तरह
    एक शख्स अपनी मोहब्बत से
    दोस्ती निभा रहा था।
    ©_athazaz(Animesh)

  • _athazaz 32w

    तुम्हारी यादें, एक पूरे शहर से जुड़ी हुई है।
    तुम्हें भुलाने के लिए
    एक पूरे शहर को भुलाना पड़ेगा।
    ©_athazaz (Animesh)

  • _athazaz 34w

    जो अगर मालूम होता
    कि वो आख़िरी मुलाकात होगी तुमसे
    जब यूंही किसी शाम
    तुम्हें छोड़ कर लौट रहा था मैं
    तो एक और बार मुड़ के देख लेता तुम्हें
    जो तुम अब हो उसे नहीं।
    जो तुम थी
    उसे।
    ©_athazaz(Animesh)

  • _athazaz 37w

    क्यूँ पड़ी है ये दुनिया बेमतलब की दुनियादारी में?
    मैं तो भूल बैठा उस गली का रस्ता,
    जबसे देखा है मेरी महबूब को लिपटे साड़ी में।
    ©_athazaz(Animesh)

  • _athazaz 37w

    ना वो चाँद, ना उसकी गली और
    ना इन होंठों पे उसकी ईदी।
    अब क्या ही मुबारकें बची इस
    ईद की
    ©_athazaz