_archita_

Archita Srivastava �� Life is easy. World is beautiful.

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Reposts
  • _archita_ 5w

    अक्सर,  आंखो में चमक ठहरे आसुओ से भी होती है
    और,
    होंठो पे मुस्कान बिना सुकून के भी होती है।

    ©_archita_

  • _archita_ 6w

    तू याद हर रोज आता है..

    शायद हो रहा हो दर्द तुझे भी, ये सोचकर ही दिल आज भी रो आता है ।
    तू याद हर रोज आता है ..
    टूट के बिखर न गया हो कहीं तू, तेरी फिक्र हमेशा सताती है ।
    तू याद हर रोज आता है....
    उन आंखों में नमी ना हो बस ,आज भी दिल दुआ यही करता है ।
    तू याद हर रोज आता है ...
    तेरे लिए लिखते लिखते, वही प्यार फिर उभर आता है ।

    तू याद हर रोज आता है ।।

    ©_archita_

  • _archita_ 8w

    मोहब्बत पेहली थी हमारी...
    अधूरी होना भी लज़्मी था ।

    बेन्तिहा  मोहब्बत थी तुझसे..
    तेरा ग़ुरूर भी लज़्मी था...
    तेरी मोहब्बत की रुसवाई मे...
    मेरी रातों का अकेला होना भी लज़्मी था..
    इकरार का करार ना कोई...
    इन आंसुओं का बहना भी लज़्मी था...
    कांच के उस दिल को संभाला था...
    हाथों से खुन आना भी लज़्मी था...
    रिश्ते मे नमौज़द्गी तेरी....
    मेरा चले जाना भी लज़्मी था...
    उन आंखों मे चेहरा किसी और का....
    तेरा मुझे ना रोकना भी लज़्मी था....

    मोहब्बत पेहली थी हमारी...
    अधूरी होना भी लज़्मी था ।
    ©_archita_

  • _archita_ 12w

    इस टूटे दिल का दर्द और सहू कैसे...
    आंखों की नमी को अब और छुपाऊं कैसे ...
    रातों से तेरी यादों को हमेशा के लिए मिटाओ कैसे...
    इन लबों पर अब झूठी मुस्कान लाऊं कैसे...
    तू ही बता ,
    तुझसे मोहब्बत करने की कीमत चुका हूं कैसे ??

    ©_archita_

  • _archita_ 17w

    सिफारिशें तेरे साथ ही अब करते नहीं....
    साजिशें तुझसे मिलने की अब होती नहीं....
    शामिल तुझे दुआ में करते जरूर है ....
    मगर तेरी मौजूदगी अब मांगते नहीं...
    मोहब्बत की रूहानियत भी नहीं...
    ना मसले हल करने की वजह है कोई ....
    मेरी जिंदगी में अब तेरे मायने नहीं ...
    कि
    तू अब मेरे लिए कुछ नहीं।।

    ©_archita_

  • _archita_ 18w

    लोगों को वक्त से तेज बदलते देखा है ...
    दिल-ए-दर्द को अपनों से सगा बनते देखा है ...
    जिंदगी हमने भी जी है ...
    बात मानो यार ,
    झूठी उम्मीदों की इमारत को खाक होते देखा है ।।

    ©_archita_

  • _archita_ 18w

    अब तेरी झूठी उम्मीदों पे हमें ऐतबार ना रहा....
    मेरी रातों को तेरी यादों का इंतजार ना रहा....
    इन आंखों को सोने के लिए तेरी एक झलक की तलब ना रही...
    अब इस दिल पर तेरा नाम ना रहा ।।

    ©_archita_

  • _archita_ 20w

    महफिले जब गम की लगेंगी तो,
    एक जाम हमारे नाम का भी उठेगा.....
    तुझसे मिलने का जिक्र नहीं ,
    तुझसे मोहब्बत होने का मलाल होगा ।

    ©_archita_

  • _archita_ 22w

    अक्सर....
    अश्को का बेहना ,
    एहसासो के सौदो से बेहतर होता है।

    अक्सर .....
    खामोशियां का सहारा ,
    दर्द की नुमाईश से बेहतर होता है।

    ©_archita_

  • _archita_ 25w

    ना दिन को सुकून ,ना रातों को आराम ....
    मुझे कोई बताए ये खता किसकी है ?
    दिल में उसकी यादें हैं , आंखों में उसका चेहरा ....
    मुझे कोई बताए ये खता किसकी है ?
    मेरे नाम के साथ उसका नाम लेने वालों की भी कमी नहीं है ....
    मुझे कोई बताए ये खता किसकी है?
    दिल में दर्द, आंखों में नमी , मगर लबों पर अल्फाज नहीं है .....
    मुझे कोई बताए ये खता किसकी है?

    ©_archita_