007vicky

दिल्ली ❤ Instagram : rvicky007

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  • 007vicky 126w

    हालत

    तेरे हिज्र ने हालत बिगाड़ दी मेरी
    मै अपने शहर का शरीफ़ लड़का था!!

  • 007vicky 132w

    चाय

    दोस्त हुआ करते थे, बातें हुआ करती थी
    चाय हुआ करती थी, मुलाकातें हुआ करती थी
    हाँ मुझे याद है कि एक शाम भी हुआ करती थी कभी
    शामों में एक मुलाक़ात का दौर हुआ करता था
    किसी की याद का, किसी के मिलन का
    पर अब ना वो रिश्ते हैं और ना ही अब वो शाम
    ये मलाल हमेशा रहेगा उफ्फ मेरी चाय भी ठंडी हो गई
    पर उसे तो ठंडी चाय ही पसंद थी!!
    @विकास

  • 007vicky 134w

    चुपचाप

    चुपचाप गुज़र जाओ अच्छे वक़्त की तरह
    हम जो ठहर गये तो बिता ना पाओगे!!
    @विकास

  • 007vicky 134w

    मसला

    ये जो दौर था हमारा, गुज़र गया है
    तुम मेरे कभी ना हुए, आखिर मसला क्या है.
    @विकास

  • 007vicky 135w

    अच्छा लगता है

    अच्छा लगता है तुमसे बातें करना.
    अच्छा लगता है तुम्हें हर बात बताना
    जब भी गुज़रता हूँ तेरी गली से
    लगता है कि तुम मुझे देख रही हो खिड़की से
    ख्वाब में, बात में ओर उस पूनम की रात में
    तुमसे मिलना अच्छा लगता है
    आंखे बंद करता हूं तो लगता कि तुम मेरे पास बैठी हो,
    अपनी उँगलिया मेरे बालो मे डाल कर मुझे सुलाने की कोशिश कर रही हो..
    नींद आये या ना आए, मग़र तेरी गोद में लेटना अच्छा लगता है!!
    @विकास

  • 007vicky 136w

    मुलाक़ात

    मुलाक़ातों का दौर खत्म हुआ अब,
    चलो तुम अब चाँद देखो ओर मै भी देखता हूँ
    इस बहाने तुम्हारा दीदार तो कर लूंगा.
    @विकास

  • 007vicky 137w

    बात

    रात ना होगी ये मुलाक़ात ना होगी
    चले भी आओ दिलबर, कि इश्क़ में ऐसी बात ना होगी.
    @विकास

  • 007vicky 138w

    प्रेरणा

    प्रेरणा हो तुम मेरी,
    हंसने की, रोने की
    हार की, मेरी जीत की.
    सफ़र कहाँ तक है मेरा??
    मुझे मालूम नहीं!
    उम्र लम्बी या जिंदगी छोटी है मेरी
    मुझे मालूम नहीं..
    मग़र जैसा भी हूँ, जब तक भी हूँ
    जीने की प्रेरणा हो तुम मेरी..!!
    @विकास

  • 007vicky 144w

    तुम

    बारिश में भीगा हुआ ये तुम्हारा बदन
    बालों की खुशबू हवा में घुल गयी है जैसे
    मानो समंदर को किनारा मिल गया,
    गुलाबी होठ, झील सी आंखे अौर
    भीगी हुई साड़ी में लिपटा हुआ तेरा ये भीगा बदन
    मानो चंदन के पेड़ पर सर्प लिपटा हो जैसे.
    कितनी तारीफ़ करू मै तुम्हारी, शब्द ही नहीं होते हैं
    मेरे पास.
    तुम जो भी हो, जैसी भी हो बहुत खूबसूरत हो
    तुम बिन तो मै कुछ भी नहीं.

  • 007vicky 147w

    भूल गया हूँ मै तुमको, पता नहीं कोन हो तुम
    कुछ हिस्सा मेरी उमर का, या छोटी सी जिंदगी हो तुम
    ख़ैर अगर जिंदगी है तो मौत भी लाज़मी है आखिर
    हाँ मौत से पहले की, वो हसीन घड़ी हो तुम!!
    ©007vicky