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    *किसी एक जगह*
    *बहुत ही खूबसूरत शब्द लिखे थे..,*

    *दुनिया में छोड़ने जैसा कुछ है तो*
    *दुसरों से उम्मीद करना छोड़ दो..,!

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    रिश्ते*

    *जन्म के रिश्ते*
    ईश्वर का प्रसाद जैसे है
    लेकिन

    *खुद के बनाये रिश्ते*
    आपकी पूँजी है

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    *पाँवों में यदि जान हो तो,*
    *मंजिल हम से दूर नहीं है।*
    *आँखों में यदि पहचान हो तो,*
    *इंसान हम से दूर नहीं है।*
    *दिल में यदि स्थान हो तो,*
    *अपने हम से दूर नहीं है।*
    *भावना में यदि जान हो तो,*
    *भगवान हम से दूर नहीं है।*

  • 0014tanwarshab 152w



    *प्यार से बात कर लेने से,*
    *जायदाद कम नहीं होती है।”*

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    "समाज" में बात गरीब की ,सच ना माने कोई !
    "धनवान "के झूठ में, हां जी हां जी होय!!

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    खोईए मत।

    *“संसार में केवल मनुष्य ही*
    *ऐसा एकमात्र प्राणी है,*
    *जिसे ईश्वर ने हंसने का गुण दिया है,*
    *इसे खोईए मत.।”*

  • 0014tanwarshab 152w

    इंसानियत

    *“इन्सान तो हर घर में पैदा होते हैं,*
    *बस इंसानियत कहीं-कहीं*
    *जन्म लेती है*